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निर्विरोध पंचायतों को मिलेगा लाखों का इनाम, जानें

निर्विरोध चुनी पंचायतों को मिलेगा लाखों का प्रोत्साहन
आज जारी हो सकता है हिमाचल पंचायत चुनाव का शेड्यूल
सर्वसम्मति बढ़ाने और विवाद कम करने की योजना पर जोर



हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों से पहले सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। राजधानी शिमला में इस संबंध में पंचायतीराज विभाग ने जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं। यदि किसी पंचायत में प्रधान, उपप्रधान और सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाते हैं, तो उस पंचायत को 10 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी।

इसी तरह पंचायत समिति में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाने पर 5 लाख रुपये, जबकि जिला परिषद में सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने जाने पर 15 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल उन्हीं संस्थाओं पर लागू होगी, जहां सभी पद निर्विरोध चुने जाएंगे।

सरकार का मानना है कि इस योजना से चुनावी प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा और अनावश्यक खर्च व विवादों को कम किया जा सकेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी सहमति और सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा। विभाग ने सभी जिलों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, यह भी संकेत मिले हैं कि इस अनुदान राशि को भविष्य में और बढ़ाया जा सकता है। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी इस संबंध में सकारात्मक संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री के शिमला पहुंचने पर इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

इधर, राज्य में पंचायत चुनावों को लेकर भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 का शेड्यूल आज जारी किया जा सकता है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने सोमवार को अधिकारियों के साथ लंबी बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मतदाता सूचियां, बैलेट पेपर, मतपेटियां, संवेदनशील बूथ और कर्मचारियों की तैनाती जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

बताया जा रहा है कि 24 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी और चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही राज्य में आचार संहिता लागू हो जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में इसको लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और लोग शेड्यूल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

इसके अलावा सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत जिन लोगों के दावे लंबित हैं, उन्हें पंचायत चुनाव लड़ने से अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। ऐसे उम्मीदवार भी चुनाव में हिस्सा ले सकेंगे।